नेता प्रतिपक्ष की सिफारिश के बाद भी 90% दिव्यांग राजेश कश्यप को नहीं मिली इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल।।
22/05/2026 5:29 PM Total Views: 30289

SUHANA LIVE NEWS जांजगीर चांपा में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर प्रशासनिक अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। विकासखंड बम्हनीडीह में 30 अप्रैल को प्रस्तावित मूल्यांकन शिविर को बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक स्थगित कर दिया गया, जिससे दूर-दराज से पहुंचे 10 से 12 दिव्यांगजन घंटों परेशान होकर भटकते रहे।
शिविर स्थल पहुंचे दिव्यांगजनों का आरोप है कि उन्हें न तो शिविर स्थगन की सूचना दी गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। कई हितग्राही ग्रामीण क्षेत्रों से कठिन परिस्थितियों में पहुंचे थे, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसी बीच जिले में प्रशासनिक उदासीनता का एक और गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पोडीकला (दारंग) निवासी राजेश कुमार कश्यप, जो लगभग 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं, पिछले लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
ताजा खबरों को देखने के लिए , यहाँ क्लिक करके हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें

दस्तावेजों के अनुसार,राजेश कुमार ने 28 नवंबर 2024 को जन समस्या निवारण शिविर सरहर में आवेदन दिया था। इसके बाद 2 फरवरी 2026 को कलेक्टर जनदर्शन,जांजगीर-चांपा में भी अपनी मांग रखी,लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें नई इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल उपलब्ध नहीं कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री डा.चरण दास महंत ने भी 10 मार्च 2026 को कलेक्टर को पत्र लिखकर राजेश कुमार को शीघ्र नई इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की थी। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट उल्लेख किया था कि राजेश की पुरानी ट्राइसाइकिल पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुकी है,जिसके कारण उन्हें दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करता है। एक ओर शासन दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए योजनाओं और शिविरों का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पात्र हितग्राही बुनियादी सुविधाओं के लिए वर्षों तक भटकने को मजबूर हैं।
Read Also This:

स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाए तथा बिना सूचना शिविर स्थगित करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने आवेदन, जनदर्शन और नेता प्रतिपक्ष की सिफारिश के बाद भी क्या प्रशासन दिव्यांगजनों की पीड़ा समझ पाएगा,या फिर संवेदनहीनता का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।
SUHANA LIVE NEWS JANJGIR CHAMPA
SUKHSAGAR MATHUR
MO.6263113057
खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
जो करता है एक लोकतंत्र का निर्माण।
यह है वह वस्तु जो लोकतंत्र को जीवन देती नवीन
नेता प्रतिपक्ष की सिफारिश के बाद भी 90% दिव्यांग राजेश कश्यप को नहीं मिली इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल।।
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129




