SUHANA LIVE NEWS.जांजगीर-चांपा जिले के बमन्हीडीह ब्लॉक अंतर्गत पोड़ीशंकर की आश्रित ग्राम पंचायत परसापाली इन दिनों अवैध लाल बंगला ईंट भट्ठों के कारण गंभीर पर्यावरणीय संकट और प्रशासनिक उदासीनता का केंद्र बनता जा रहा है। क्षेत्र में प्रतिबंधित लाल ईंट भट्ठों का संचालन खुलेआम जारी है,जबकि संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।वीडियो में स्पष्ट दिख रही है राखड़ उड़कर गांव में फैल रही है और लोगों को श्वास लेने में दिक्कत हो रही है । [video width="1280" height="720" mp4="http://suhanalivenews.com/wp-content/uploads/2026/05/video_20260510_172538.mp4"][/video]

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पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गहराता खतरा ग्रामीणों के अनुसार ईंट निर्माण में बड़े पैमाने पर राखड़ (फ्लाई ऐश) का उपयोग किया जा रहा है। भट्ठों के आसपास राखड़ की खुले में डंपिंग की गई है,जो हवा के साथ उड़कर गांवों तक पहुंच रही है। स्थिति यह है कि घरों की छतों पर धूल की मोटी परत जम रही है, कपड़े और बर्तन काले पड़ रहे हैं तथा तालाबों का पानी भी प्रदूषित हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रदूषण धीरे-धीरे लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं और लोग इसे “धीमा जहर”बता रहे हैं। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं स्थानीय लोगों ने कई बार तहसील कार्यालय,जिला मुख्यालय और संबंधित विभागों में मौखिक एवं लिखित शिकायतें कीं,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन की नजरों के सामने यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है? जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में लगभग 20 से 30 अवैध लाल ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है,लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में असफल नजर आ रहे हैं। पत्रकारों के साथ बदसलूकी का आरोप मामले की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि  स्वतंत्र रूप से खबर कवरेज करने वाले पत्रकारों पर उल्टे अवैध वसूली के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पोड़ीशंकर की आश्रित ग्राम परसापाली में सामने आया,जहां अवैध बंगला ईंट भट्ठा संचालक ने पत्रकारों को सड़क से फोटो और वीडियो बनाते देख रोक लिया। आरोप है कि उसने अपने साथियों को बुलाकर पत्रकारों के साथ बदसलूकी की तथा उनकी और वाहन की फोटो-वीडियो बनाकर दबाव बनाने की कोशिश की। पत्रकारों ने आशंका जताई है कि उनकी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा सकती है। बड़ा सवाल: आखिर संरक्षण किसका? क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अवैध ईंट भट्ठों का संचालन होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर संबंधित विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रहे हैं? क्या यह पूरा अवैध कारोबार किसी बड़े संरक्षण में चल रहा है? अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हैं या फिर ग्रामीणों और पत्रकारों की आवाज यूं ही दबती रहेगी। बमन्हीडीह Suhana live news.com  Janjgir champa cg.