राज्य छात्रवृत्ति योजना: अब हर लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य जांजगीर-चांपा=जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए सभी अभिभावकों,विद्यार्थियों,शासकीय एवं अशासकीय तथा अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों को अवगत कराया है कि राज्य छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक पात्र विद्यार्थी का बैंक खाता उसके आधार नंबर से लिंक होना अब अनिवार्य है। यह निर्णय राज्य शासन द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है,जिसका मुख्य उद्देश्य योजनाओं के

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क्रियान्वयन में पारदर्शिता,दक्षता और धन के सीधे हस्तांतरण (DBT) को सुनिश्चित करना है।  नई अनिवार्यता का स्वरूप एवं कार्यक्षेत्र।। 1. ई-केवाईसी का अनिवार्यीकरण: जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से*राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी छात्रवृत्ति योजनाओं (विशेषकर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों हेतु) में लाभ प्राप्त करने के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया को अनिवार्य बना दिया गया है। 2.आधार-बैंक लिंकेज ही मुख्य आधार: इस ई-केवाईसी प्रक्रिया की मुख्य शर्त यह है कि पात्र विद्यार्थी का बैंक खाता उसके आधार नंबर से लिंक (सीधे जुड़ा हुआ) होना चाहिए।यह लिंकेज ही ई-केवाईसी का प्रमाण माना जाएगा। 3. सभी पात्र विद्यार्थी सम्मिलित:यह अनिवार्यता राज्य छात्रवृत्ति योजनाओं के सभी नए और मौजूदा पात्र लाभार्थियों पर समान रूप से लागू होती है। इस परिवर्तन के पीछे का उद्देश्य। 1.पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाना:आधार-बैंक लिंकेज से धनराशि का सीधा और सत्यापित लाभार्थी के खाते में हस्तांतरण होगा, जिससे बिचौलियों या गलत हाथों में धन जाने की संभावना कम होगी। 2. दक्षता में सुधार: ई-केवाईसी प्रक्रिया से पेपरवर्क कम होगा और छात्रवृत्ति राशि के वितरण में तेजी आएगी। मैनुअल सत्यापन की आवश्यकता कम होगी। 3.डुप्लीकेट या फर्जी लाभार्थियों पर अंकुश:आधार की बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रणाली एक व्यक्ति के एक ही खाते से लिंक होने को सुनिश्चित करेगी, जिससे डुप्लीकेट या अयोग्य लाभार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने की संभावना नगण्य हो जाएगी। 4.DBT प्रणाली को मजबूती:यह कदम सरकार की प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) नीति को मजबूत करने और सार्वजनिक धन के इष्टतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए है। शिक्षण संस्थानों एवं अभिभावकों के लिए कार्ययोजना जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी हितधारकों से तत्परता से कार्य करने का आग्रह किया है:   1.शिक्षण संस्थानों की भूमिका (अत्यंत महत्वपूर्ण): सभी शासकीय,अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों को अपने यहां अध्ययनरत छात्रवृत्ति के पात्र प्रत्येक विद्यार्थी के बैंक खाते और आधार नंबर के बीच लिंकेज की स्थिति की पुष्टि करनी होगी। संस्थानों को विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को इस नई अनिवार्यता के बारे में व्यापक रूप से जागरूक करना चाहिए। जिन विद्यार्थियों का लिंकेज नहीं है, उनकी पहचान कर उन्हें तुरंत बैंक में जाकर लिंकेज पूरा करने के लिए प्रेरित और सहायता करनी चाहिए। भविष्य में छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में आधार-बैंक लिंकेज का प्रमाण (जैसे बैंक पासबुक/स्टेटमेंट की कॉपी जहां आधार नंबर प्रिंटेड हो) एकत्र करना और सत्यापित करना आवश्यक होगा। 2.**विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए कार्य: सभी पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अनुरोध है कि वे तत्काल अपने बैंक खाते की स्थिति जांचें। यदि खाता आधार से लिंक नहीं है,तो अत्यावश्यक है कि वे अपने संबंधित बैंक शाखा में जाकर आधार-बैंक लिंकेज की प्रक्रिया पूरी करें।यह प्रक्रिया सामान्यतः बहुत सरल और त्वरित है। लिंकेज पूरा हो जाने के बाद,अपने शिक्षण संस्थान को इसकी पुष्टि करने वाला दस्तावेज जैसे बैंक द्वारा दिया गया पावती पर्ची या पासबुक/स्टेटमेंट की कॉपी प्रस्तुत करें। अभिभावकों से विशेष अपील है कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें ताकि उनके बच्चे की छात्रवृत्ति में किसी प्रकार की बाधा या विलंब न हो। समय सीमा एवं अनुपालन न करने के परिणामनिर्धारित समय सीमा: जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर (आमतौर पर छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि से पूर्व,जो सत्र 2025-26 के लिए जल्द ही घोषित की जा सकती है) पूर्ण किया जाना चाहिए।विलंब से बचने के लिए तुरंत कार्यवाही करना उचित है। अनुपालन न करने का प्रभाव: सबसे महत्वपूर्ण जोखिम यह है कि जिन विद्यार्थियों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होगा,उन्हें सत्र 2025-26 की राज्य छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त नहीं हो पाएगा। उनके आवेदन को अपूर्ण माना जा सकता है या अस्वीकार किया जा सकता है। छात्रवृत्ति राशि के वितरण में उनके हिस्से की धनराशि रोकी जा सकती है। == सहायता एवं संपर्क ===== विद्यार्थी और अभिभावक अपने संबंधित शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य या छात्र कल्याण प्रभारी से इस संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। बैंक लिंकेज की प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या आने पर सीधे अपने बैंक शाखा प्रबंधक से संपर्क करना चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भी आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण प्रदान कर सकता है।  यह नई व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति योजनाओं को अधिक पारदर्शी,भ्रष्टाचार-मुक्त और कुशल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। हालांकि,इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षण संस्थानों,विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी और समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। सभी पात्र विद्यार्थियों से अनुरोध है कि वे अपना बैंक खाता आधार से लिंक कराने का कार्य तत्काल और अविलंब पूरा कर लें,ताकि उनकी मेहनत और प्रतिभा को समर्थन देने वाली यह महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता उन्हें बिना किसी रुकावट के प्राप्त हो सके। यह छोटा सा कदम छात्रवृत्ति प्रक्रिया को सुचारू बनाने और योग्य विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।। News==suhanalivenews.com==== S.MATHUR======